Sunday, 20 November 2016

सुबह का सपना

लोग कहते हैं
सुबह का सपना
सच होता है

आज मैंने देखा
तुम्हें सुबह के
सपने में

तुम मेरे पास बैठी
चाय की चुस्कियाँ
ले रही थी

एक अजीब सा
सुकून था
तुम्हारे चहरे पर

चमक रही थी
तुम्हारी आँखें
जैसे कभी भीगी न हो

तुम हँस -हँस कर
बाते कर रही थी
मुझसे

अचानक
घड़ी का अलार्म
बज उठा

आँखें खुल गई
नींद उचट गई
सपना टूट गया

काश ! लोगो का कहना
सच हो जाए
मेरा सुबह का सपना
आज सच हो जाए।



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