लोग कहते हैं
सुबह का सपना
सच होता है
आज मैंने देखा
तुम्हें सुबह के
सपने में
तुम मेरे पास बैठी
चाय की चुस्कियाँ
ले रही थी
एक अजीब सा
सुकून था
तुम्हारे चहरे पर
चमक रही थी
तुम्हारी आँखें
जैसे कभी भीगी न हो
तुम हँस -हँस कर
बाते कर रही थी
मुझसे
अचानक
घड़ी का अलार्म
बज उठा
आँखें खुल गई
नींद उचट गई
सपना टूट गया
काश ! लोगो का कहना
सच हो जाए
मेरा सुबह का सपना
आज सच हो जाए।
पेज संख्या ------- ४७
सुबह का सपना
सच होता है
आज मैंने देखा
तुम्हें सुबह के
सपने में
तुम मेरे पास बैठी
चाय की चुस्कियाँ
ले रही थी
एक अजीब सा
सुकून था
तुम्हारे चहरे पर
चमक रही थी
तुम्हारी आँखें
जैसे कभी भीगी न हो
तुम हँस -हँस कर
बाते कर रही थी
मुझसे
अचानक
घड़ी का अलार्म
बज उठा
आँखें खुल गई
नींद उचट गई
सपना टूट गया
काश ! लोगो का कहना
सच हो जाए
मेरा सुबह का सपना
आज सच हो जाए।
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