मेरे जीवन में पायल की झनक नहीं रही
मेरे जीवन में फूलों की खुशबु नहीं रही
मेरा सूरज सिंदूरी सांध्यवन में खो गया
मेरी आँखों में सावन-भादो उत्तर गया।
मेरी पलकों में सुनहरा स्वप्न नहीं रहा
मेरे होठों पर प्यार भरा गीत नहीं रहा
मेरे जीवन का मंगल गान बिसर गया
मेरे जीवन का मंगल गान बिसर गया
मेरे जीवन में कोई उमंग नहीं रही
मेरे जीवन में कोई खुशियां नहीं रही
मेरे जीवन में घनघोर अँधेरा छा गया
मेरी आँखों में सावन-भादो उत्तर गया।
मेरी पलकों में कोई तमन्नाएँ नहीं रही
मेरे दिल में कोई आशाएँ नहीं रही
जीवन से बहारों का काफिला गुजर गया
मेरी आँखों में सावन-भादो उत्तर गया।
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