रंग बिरंगी तितलियाँ
आज भी पार्क में
फूलों की खुशबु आज
आज भी पार्क में
उड़ रही है
गुनगुनी धुप आज भी
पार्क में पेड़ों को
चूम रही है
चूम रही है
फूलों की खुशबु आज
भी हवा को महका
रही है
पक्षियों का कलरव
आज भी उगते सूर्य का
स्वागत कर रहा है
हवा आज भी
टहनियों की बाँहे पकड़
टहनियों की बाँहे पकड़
रास रचा रही है
लेकिन तुम्हारी
चूड़ियों की खनक आज
सुनाई नहीं पड़ रही है
तुम्हे मेरी कसम
मेरी हमदम
एक बार लौट आओ
अपनी चूड़ियों की
खनक एक बार फिर से
सुना जाओ।
पेज संख्या ------ १९
लेकिन तुम्हारी
चूड़ियों की खनक आज
सुनाई नहीं पड़ रही है
तुम्हे मेरी कसम
मेरी हमदम
एक बार लौट आओ
अपनी चूड़ियों की
खनक एक बार फिर से
सुना जाओ।
पेज संख्या ------ १९
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